Friday, November 16, 2018

उद्योग चर्चा-06 उद्यमिता और भाग-दौड़

एक मशहूर अफ्रीकी कहावत कुछ इस प्रकार है- 

दर सुबह हर जंगल में एक बारह सिंघा भागे,
वह जाने मौत से बचने को वो शेर से तेज ही भागे; 
हर सुबह उस जंगल में इक बब्बर शेर भी जागे,
वह जाने भूख से बचने को वो सिंघे से तेज ही भागे;
फर्क नहीं तुम क्या हो - बब्बर शेर या बारह सिंघा, 
कर्म तुम्हारा दौड़ ही है, ज्यों ही सूरज जागे!

क्या आपको इस कहावत में कोई सन्देश - किसी रेस का फास्ट ट्रैक - नज़र आ रहा है। अक्सर एमएसएमई पर फब्ती कसी जाती है कि वे किसी ट्रेडर की सोच में ही अटके हुए हैं। आखिर एक ट्रेडर के पास गौर करने के लिये स्वयं का समय, मार्जिन और पूँजी का प्रयोग ही तो है न! वह इनको न देखे तो क्या देखे। फिर एमएसएमई फास्ट ट्रैक की खोज में किस ओर देखें! इस बारे में कुछ कारोबारियों का उल्लेख सबके लिये विचारणीय है। 

सबसे पहले राणेग्रुप जिन्हें हाल ही में 2018 के डेमिंग पुरस्कार से नवाज़ा गया है। यह पुरस्कार किसी कम्पनी को विश्व में उस वर्ष की सर्वोत्तम उत्पादन क्वालिटी प्रक्रिया के लिये दिया जाता है। उद्योगों को इस ग्रुप की गुणवत्ता यात्रा पर सामूहिक विचार करने पर बहुत सी काम की युक्तियाँ मिलेंगी। इसके अलावा फ्लिपकार्ट और स्विगी भी विशेष रूप से उल्लेखनीय हैं। कई प्राइवेट फंड तथा संस्थागत निवेशकों ने इन कम्पनियों में भागीदारी लेकर इन्हें तलवार की धार पर चलने में मदद की और इस प्रकार बेशुमार वेल्थ जनरेशन किया। 

ग्राहकों के समक्ष इन कम्पनियों के प्रस्तावों में कोई भी ऐसी चीज़ नहीं है जिसका प्रचलन पहले से न था। उस प्रकार के उत्पादन या सेवा प्रक्रियाऐं किसी न किसी रूप में चल रही थीं। इन कम्पनियों ने उन प्रक्रियाओं का पुर्नयोजन कुछ इस प्रकार किया कि वे ग्राहकों, कर्मचारियों और वेण्डर्स के लिये आकर्षक बन गयीं। अवश्य ही कारोबार के विभिन्न प्रतिभागियों के बीच अभूतपूर्व सहयोग स्थापित करने से ही ऐसा संभव हुआ होगा। तभी तो बिलकुल साधारण प्रतीत होने वाली सेवायें और आसानी से उपलब्ध वस्तुऐं और उनके वेण्डर्स; सभी किसी आला मशीन के जैसे काम कर रहे है। खास बात यह है कि इन सभी ने किसी दिन अपनी दौड़ का आंकलन कर फास्ट ट्रैक की पहचान की होगी। इस काम के लिये उन्होंने प्रतिष्ठान के अन्दर झांका होगा - कर्मचारियों के साथ विचार- विमर्श किया होगा। तब जाकर उन्हें अपने कारोबार के उन अनछुए पहलुओं का पता चला होगा जिनके इस्तेमाल से ये कारोबार इतनी तरक्की कर सके। 

कहीं आपके कारोबार, आपके उद्योग या आपकी उत्पादन प्रक्रिया में भी कोई ऐसे अनछुए पहलू तो नहीं छुपे हैं जिनके इस्तमाल से बेतहाशा तरक्की हो जाय; और आने वाले समय में आपके समकालीन एमएसएमई, आपके कर्मचारी, आपके पड़ौसी सभी अचरज करें कि जैसा कभी सोचा न था वैसा इन्होंने कर दिखाया। 

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